जयपुर-दिल्ली का सफ़र अब सिर्फ़ 90 मिनिट्स में…!

अगर सबकुछ सही रहा तो जयपुर से दिल्ली का सफ़र अब सिर्फ़ 90 मिनट्स में पूरा कर लेंगे। भारतीय रेल मंत्रालय इटली की एक फर्म के साथ मिलकर जयपुर-दिल्ली कॉरिडोर को सेमी-हाई स्पीड ट्रैक में कन्वर्ट करने की सोच रहा है। अगर ऐसा होता है तो लाखो पैसेंजर को इसका फायदा मिलने वाला है। भारतीय रेल मंत्रालय और इटली की FS-Italferr के बीच एक MoU( Memorandum of Understanding ) साइन हुआ है।

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picture credit: press information bureau

FS-Italferr, इटली की इंजीनियरिंग कंपनी है। जो जयपुर-दिल्ली कॉरिडोर पर स्टडी करके रिपोर्ट भारतीय रेल मंत्रालय को देगी। सेमी-हाईस्पीड कॉरिडोर पर ट्रेनों की स्पीड बढ़कर 200 किलोमीटर प्रति घंटा हो जाएगी जो अभी 110 किलोमीटर प्रति घंटा है। जयपुर-दिल्ली के बीच अभी ट्रेनों की एवरेज स्पीड 75 किलोमीटर प्रति घंटा रहती है। जयपुर से दिल्ली 309 किलोमीटर लम्बा रूट है जिसे पूरा करने में चार घंटे तीस मिनट्स के आसपास का समय लगता है। सेमी-हाईस्पीड कॉरिडोर बन जाने के बाद ये समय घटकर मात्र 90 मिनट्स का रह जाएगा।

भारतीय रेल मंत्रालय ने दोनों, उत्तर रेलवे और उत्तर-पश्चिम रेलवे को इस योजना में साथ काम करने को लिख भेजा है। उत्तर-पश्चिम रेलवे के एडिशनल डिवीज़न मेनेजर भी इस टीम के मेम्बर होंगे। उनका काम रहेगा कि किस तरह से टीम मेम्बेर्स में कोआर्डिनेशन बरकरार रहे। एक और मेम्बर को चुना जाएगा जो रेगुलर रिपोर्ट देने का काम करेगा।

उत्तर-पश्चिम के CPRO तरुण जैन की माने तो यह ‘फिजिबिलिटी चेक’ वाला काम जल्द से जल्द शुरू हो जाएगा। इसके बाद ही पता चल पाएगा कि इस प्रोजेक्ट पर कितना बजट लगने वाला है।

भारतीय रेल को मिल रही है कड़ी चुनौती –

भारतीय रेल को अभी कड़ी चुनौती का सामना करना पड़ रहा है। एक तरफ नितिन गडकरी, सड़क मंत्रालय जयपुर से दिल्ली के बीच की दुरी को मात्र 2 घंटे तक लाने में लगे हुए है वहीँ एविएशन मंत्रालय तो भारतीय रेल को टक्कर देता ही रहा है।

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picture credit: rajasthan tourism

309 किलोमीटर का सफ़र अगर 4 घंटे 30 मिनट्स के बजाए मात्र 1 घंटे 30 मिनट्स में पूरा हो जाएगा तो इससे अच्छा उन लोगो के लिए कुछ भी नहीं होगा जिनका दिल्ली आना जाना लगा रहता है। डेली-अपडाउन करना आसन हो जाएगा। वक़्त बचेगा।

अब इंतजार है तो बस इस प्रोजेक्ट के शुरू होने का…

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इंजीनियरिंग से ऊब जाने से हालातों ने लेखक बना दिया। हालांकि लिखना बेहद पहले से पसंद था। लेकिन लेखन आजीविका का साधन बन जाएगा इसकी उम्मीद नहीं थी। UdaipurBlog ने विश्वास दिखाया बाकी मेरा काम आप सभी के सामने है। बोलचाल वाली भाषा में लिखता हूँ ताकि लोग जुड़ाव महसूस करे। रंगमंच से भी जुड़ा हूँ। उर्दू पढ़ना अच्छा लगता है। बाकि खोज चल रही है। निन्मछपित सोशल मीडिया पर मिल ही जाऊँगा, वहीँ मुलाक़ात करते है फिर।