सरकारी योजना: जयपुर के स्टूडेंट्स जागरूकता के अभाव में ‘फ्री कोचिंग’ का लाभ नहीं ले पा रहे।

समाज के गरीब और विमुखों के लिए सरकार इस एक महत्वकांक्षी योजना की घोषणा पिछले तीन सालों से अलग-अलग जगहों और माध्यमों से करती आ रही है। लेकिन ज़मीनी हकीक़त कुछ और ही बयां करती है। इस योजना का लाभ जयपुर और कोटा के हॉस्टल में रह कर पढाई कर रहे 1000 विद्यार्थियों को मिलना चाहिए लेकिन लाभ ले पा रहे है तो बस 21 विद्यार्थी।

Free-Coaching-and-Allied-Scheme-for-Minority-Communities-Students
picture courtesy: govinfo

इस योजना के तहत विमुखों और गरीब विद्यार्थियों को सरकार की तरफ से IIT, MBBS, CLAT और IIM जैसे इंस्टिट्यूट की तयारी के लिए फ्री कोचिंग देने का प्रावधान है। इस योजना से जयपुर के 500 और कोटा के 500 विद्यार्थियों को फायदा पहुँच सकता था लेकिन आंकड़ा कुल मिलाकर भी 50 पार नहीं है। पिछली दफ़ा जून में जब आवेदन आए तो आंकड़ा 80 था लेकिन ढिलाई और कोचिंग के शुरू होने में देरी से अंत में मात्र 21 विद्यार्थी ही शेष रहे।

अब इसमें गलती किसकी निकाली जाए? जागरूकता फैलाने का काम सरकार और संविधान के चौथे स्तम्भ का साझा रूप से होता है। लेकिन अभी दोनों ही हिन्दू-मुसलमान-दलितों की राजनीति में उलझे हुए है। इस वजह से अन्य महत्वपूर्ण मुद्दे जनता के बीच तक नहीं पहुँच पाते है परिणामस्वरूप ऐसी योजनाओं का लाभ ज़रूरतमंद नहीं ले पाते है।

क्या है योजना? :-

cm-free-coching-yojna
picture courtesy: abchindipost

मुख्यमंत्री निःशुल्क कोचिंग योजना के तहत सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग के जयपुर व कोटा के हॉस्टल में पढ़ रहे विद्यार्थियों को IIT, MBBS, CLAT और IIM जैसे संस्थानों में प्रवेश दिलाने हेतु फ्री कोचिंग दी जा रही है। यह योजना रिजर्व्ड (reserved) केटेगरी के विद्यार्थियों के लिए है। उस छात्र का जयपुर या कोटा के किसी मान्यता प्राप्त शिक्षण संस्थान से 11वी या 12वी में नियमित विद्यार्थी के रूप में अध्यनरत होना ज़रूरी है। इसके बाद ही वह इस स्कीम का फायदा उठा सकता है। जयपुर के 500 और कोटा के 500 छात्र इस योजना का लाभ उठा सकते है। अधिक जानकारी के लिए आप गवर्नमेंट की इस वेबसाइट को विजिट कर सकते है http://www.minorityaffairs.gov.in/schemesperformance/free-coaching-and-allied-scheme-minority-communities-students

उम्मीद करते है यह बात ज्यादा से ज्यादा लोगों तक पहुँच पाएगी और अधिक से अधिक इससे लाभान्वित हो पाएँगे। 🙂

NEWS courtesy: Rajasthan Patrika Jaipur

What are you view about this post?
SHARE
इंजीनियरिंग से ऊब जाने से हालातों ने लेखक बना दिया। हालांकि लिखना बेहद पहले से पसंद था। लेकिन लेखन आजीविका का साधन बन जाएगा इसकी उम्मीद नहीं थी। UdaipurBlog ने विश्वास दिखाया बाकी मेरा काम आप सभी के सामने है। बोलचाल वाली भाषा में लिखता हूँ ताकि लोग जुड़ाव महसूस करे। रंगमंच से भी जुड़ा हूँ। उर्दू पढ़ना अच्छा लगता है। बाकि खोज चल रही है। निन्मछपित सोशल मीडिया पर मिल ही जाऊँगा, वहीँ मुलाक़ात करते है फिर।